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फारेस्ट डीपो से चंद कदम दूर पर सागौन की बड़ी मात्रा में अवैध कटाई

दबंग न्यूज लाईव
सोमवार 11.01.2026
कोटा – कोटा के बचे खुचे जंगलों पर तस्करों की घाघ नजर गड़ी हुई है आए दिन यहां के जंगलों से बड़ी मात्रा में सागौन जैसी बेशकिमती लकड़ियों की कटाई जोरो पर चलती है । कल रात भी यहां से बड़ी मात्रा में अवैध ढंग से काटे गए सागौन के लटठ को एक पिकअप में भरकर ले जाने की फिराक में तस्कर थे लेकिन उसी समय वन विभाग के अधिकारियों को मुखबीर से इसकी सूचना प्राप्त हो गई ।
वन विभाग की एक टीम तत्काल मौके पर पहुंचे तो उनके खुद के भी होश उड़ गए क्योंकि यहां एक दो सागौन के पेड़ नहीं बल्कि दर्जनों बड़े बड़े पेड़ काटे गए थे ।
तस्करों ने जब वन विभाग की टीम को अपनी तरफ आते देखा तो पिकअप छोड़ कर भागने लगे । वन विभाग की टीम ने पीछा करते हुए एक तस्कर को पकड़ लिया जबकि बाकी अंधेरे का लाभ उठाते हुए भागने में सफल हो गए ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटा डेम के उलट के पास ये कार्यवाही हुई है । रविवार की रात जब विभाग का गस्ती दल सर्चिंक पर था उसी समय मुखबीर से ये सूचना मिलाी कि कक्ष क्रमांक 2494 में अज्ञात व्यक्तियों के द्वारा सागौन प्रजाति की इमारती लकड़ियों की अवैध कटाई करके परिवहन के निए एक पिकअप में लोड किया जा रहा है ।
जानकारी के बाद वन अमला एवं पुलिस की टीम पूछताछ के लिए करीब गए तो गश्ति वाहन को आता देख पिकअप वाहन क्रमांक ब्ळ12म्0558 को छोड़कर भागने लगे लेकिन एक कुख्यात आरोपी अनिल श्रीवास वल्द शिवकुमार श्रीवास टीम के हत्थे लग गया ।
जानकारी के अनुसार गाड़ी में 14  नग और घटना स्थल पर 22 नग कुल मिलाकर 36 नग गोले की जप्ती की गई है जिसकी अनुमानित किमत एक लााख छप्पन हजार आंकी गई है जबकि पिकअप की कीमत लगभग ढाई लाख रू आंकी गई है इस तरह विभाग ने कुल चार साढ़े चार लाख की जप्ती कल रात की है । बाद में तस्कर को जेल दाखिल कर दिया गया है ।
लेकिन इस सबके बीच वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े हो चुके हैं । जिस जगह ये कार्यवाही हुई है वो विभाग के सेल डीपों से दो किमी से ज्यादा दूर नहीं है । आनंद वन से उतर कर डेम के उलट जाने वाले रास्ते में ये कार्यवाही हुई है । जप्ती में जितने बड़े गोले जप्त किए गए हैं उतने पेड़  एक रात में ही काटे गए हों लगता नहीं ? तो क्या तस्कर दो तीन दिन पहले से कटाई कर रहे थे ? यदि ऐसा है तो कटाई की जानकारी विभाग को क्यों नहीं मिली ? ऐसे कई सवाल हैं जो विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते है। बहरहाल विभाग की मुस्तैदी से ये सफल कार्यवाही हुई है अच्छा हो यदि विभाग पेड़ कटने से पहले ही इन्हें दबोचना शुरू कर दे तो कई पेड़ कटने से बच जाएंगे ।
 

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